- भाजपा नेता की याचिका पर एमपी-एमएलए कोर्ट सख्त, पांच दिसंबर को अगली सुनवाई
- फर्जी पासपोर्ट, विदेशी नागरिकता और शत्रु देशों को सूचना देने के लगाए गए गंभीर आरोप
रायबरेली। नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता और फर्जी पासपोर्ट से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर मामला एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंच गया है। बेंगलुरू निवासी भाजपा नेता एस विगनेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए डॉ. विवेक कुमार ने सदर कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख पांच दिसंबर तय की है।
याची विगनेश शिशिर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के पास भारत और ब्रिटेन की नागरिकता है तथा उन्होंने एक से अधिक फर्जी पासपोर्ट बनवा रखे हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनके पास देश की गोपनीय जानकारियां रहती हैं, जिन्हें वे कथित रूप से शत्रु देशों तक पहुंचा रहे हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने लंदन में “मेसर्स बैकआप्स लिमिटेड यूनाइटेड किंगडम” नाम से कंपनी स्थापित की है, जिसका पूरा डेटा यूके की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा एक बेनामी कंपनी बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक संदीप सिंह के अनुसार, अदालत ने याचिका को परिवाद में दर्ज कर लिया है और पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी है। बताया गया कि तीन महीने पहले भी इसी मामले में पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि याचिकाकर्ता भाजपा का पेड वर्कर है और राजनीतिक दबाव में इस तरह की याचिकाएं दायर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे से भाजपा बौखलाई हुई है।

