पारदर्शी व मानवीय कारागार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
बंदियों के आय सृजन, कौशल विकास और महिला–बच्चों की जरूरतों पर विशेष जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राजभवन, लखनऊ में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएँ, उत्तर प्रदेश द्वारा समयपूर्व रिहाई से संबंधित प्रस्तावित शासनादेश पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित शासनादेश के प्रावधानों, उद्देश्यों, पात्रता मानदंड और प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
राज्यपाल ने विषय की संवेदनशीलता और इसके सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए शासनादेश के विभिन्न बिंदुओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायसंगत और सुधारात्मक उद्देश्य के अनुरूप हो, ताकि बंदियों के अधिकारों और समाजहित दोनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में कारागारों में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि कारागार व्यवस्था में मानवीय दृष्टिकोण अनिवार्य है। उन्होंने बंदियों के आय सृजन को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार उत्पादक गतिविधियों से जोड़ने तथा कौशल प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
राज्यपाल ने गुजरात स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा शक्ति महाविद्यालय और इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के अपने हालिया दौरे के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग से अपराध जांच अधिक वैज्ञानिक और सटीक हुई है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे संस्थानों के भ्रमण के लिए प्रेरित किया, ताकि नवीन तकनीकों को अपनाकर कारागार व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
उन्होंने जेल परिसरों में बंदियों द्वारा उगाई जा रही शाक-सब्जियों के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन करने और इन्हें निकटवर्ती आंगनबाड़ी केंद्रों व प्राथमिक विद्यालयों के मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही, महिला सजायाफ्ता बंदियों और उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और देखभाल की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
राज्यपाल ने कारागारों के आकस्मिक निरीक्षण, नियमों के कड़ाई से अनुपालन और विभागीय समन्वय पर भी जोर दिया। बैठक में विशेष कार्य अधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, महानिदेशक कारागार पी.सी. मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

