ओ.डी.ओ.पी. की तर्ज पर अब ओ.डी.ओ.सी. योजना, पारंपरिक कारीगरों और हलवाइयों की बदलेगी किस्मत
यू.पी. की पाक कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएगी ओ.डी.ओ.सी. योजना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ODOC) योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि ओ.डी.ओ.पी. की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब राज्य की पारंपरिक कुज़ीन को संगठित ब्रांडिंग के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फूड मैप पर स्थापित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान को दुनिया के सामने लाना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे जमीनी स्तर पर इस तरह लागू किया जाए कि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिल सकें।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा के पेड़े, वाराणसी की लौंगलता और बाराबंकी की चंद्रकला जैसे स्थानीय व्यंजनों को ‘कुज़ीन क्लस्टर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी उत्पादों को मानकों के अनुरूप प्रमाणित करने और जी.आई. टैगिंग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि इन व्यंजनों की ब्रांडिंग के लिए एक विशेष ओ.डी.ओ.सी. ‘लोगो’ तैयार किया जाएगा और हर उत्पाद के साथ उसकी ऐतिहासिक कहानी (प्रोडक्ट स्टोरी) जोड़ी जाएगी। साथ ही, उत्पादों की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, ईको-फ्रेंडली पैकेजिंग और क्यू.आर. कोड जैसी सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश की पाक कला न केवल सांस्कृतिक गौरव बनेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक शक्ति का एक नया आधार भी बनेगी।

