होली के उल्लास के साथ खगोलीय घटना का अनूठा संयोग देखने को मिल रहा
ग्रहण के सूतक काल से रंग खेलने का उत्सव अब कल यानी 4 मार्च को
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस बार होली के उल्लास के साथ खगोलीय घटना का अनूठा संयोग देखने को मिल रहा है। साल के पहले चन्द्रग्रहण की वजह से प्रदेश में त्योहार की रीतियों में बदलाव हुआ है। सोमवार देर रात राज्य के कई हिस्सों में होलिका दहन संपन्न हुआ, जबकि कई जगहों पर आज शाम को यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्रहण के सूतक काल के कारण रंग खेलने का उत्सव अब कल यानी 4 मार्च को मनाया जाएगा।
आज दोपहर से लगेगा सूतक, शाम को दिखेगा ग्रहण
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मंगलवार को लगने वाला यह खग्रास चन्द्रग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में पूर्ण रूप से, जबकि बाकी हिस्सों में खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा। सूतक काल: सुबह 09:20 बजे से शुरू होकर शाम 06:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण का समय: दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक। मंदिरों के कपाट बंद: सूतक काल के दौरान प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना बंद रहेगी और मूर्ति स्पर्श वर्जित होगा।
गर्भवती महिलाओं और आम जन के लिए सलाह
पंडित एसएस नागपाल के अनुसार, ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाएं: धारदार वस्तुओं (चाकू, कैंची, सुई) का प्रयोग न करें। नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए पेट पर गाय के गोबर का लेप लगा सकती हैं।
खाद्य सामग्री: दूध, दही और घी जैसी चीजों में तुलसी का पत्ता या कुश रख दें ताकि वे शुद्ध रहें। आध्यात्मिक उपाय: ग्रहण काल में ‘ॐ नमः शिवाय’ या इष्ट देव के मंत्रों का जाप करना फलदायी माना गया है।
इन राशियों पर रहेगा विशेष प्रभाव
ज्योतिषविदों ने ग्रहण के चलते चार प्रमुख राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सिंह: मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान की संभावना। कर्क: परिवार में विवाद और धन हानि के संकेत, वाणी पर नियंत्रण रखें। कन्या: स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और खर्चों में बढ़ोतरी होगी। मीन: शत्रुओं से सावधान रहें और कर्ज के लेनदेन से बचें।
कल मनेगा ‘उत्सव प्रदेश‘ में रंग
चूंकि आज सूतक और ग्रहण के कारण शुभ कार्य वर्जित हैं, इसलिए पूरे उत्तर प्रदेश में अब बुधवार को धूलिवंदन यानी रंगों की होली खेली जाएगी। प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि लोग शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मना सकें।

