सीएम योगी और जापान के यामानाशी प्रान्त के उप राज्यपाल जुनिची इशिदेरा के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों से इतर, साझा मूल्यों और आधुनिक तकनीक पर आधारित भविष्य की साझेदारी पर बल दिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जापान के यामानाशी प्रान्त के उप राज्यपाल जुनिची इशिदेरा के बीच आज एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस शिष्टाचार भेंट में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों से इतर, साझा मूल्यों और आधुनिक तकनीक पर आधारित भविष्य की साझेदारी पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024: इस नीति के तहत निवेशकों को पारदर्शी माहौल दिया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी यूपीनेडा (UPNEDA) को सौंपी गई है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश में अनुसंधान और कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की गई है। यीडा (YEIDA) में बड़ी उपलब्धि: यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट के कमर्शियल ऑपरेशन की शुरुआत को जापानी दल ने खूब सराहा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते अनुशासन और नवाचार की नींव पर टिके हैं। 2024 में हुए एमओयू (MoU) के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि यामानाशी प्रान्त के साथ सहयोग आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “भारत और जापान के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सतत् विकास जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं।” बैठक में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि बौद्ध विरासत पर भी चर्चा हुई। दोनों प्रतिनिधियों ने ‘बौद्ध पर्यटन सर्किट’ के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी संपर्क को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

