सीएम योगी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र दिए
विशिष्ट खेल प्रतिभाओं को लक्ष्मण पुरस्कारएवं रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में हुए समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र वितरित किए और विशिष्ट खेल प्रतिभाओं को लक्ष्मण एवं रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगामी वर्ष से प्रतिष्ठित लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार की राशि को 3.11 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ‘युवा शक्ति’ और ‘नारी शक्ति’ को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी केवल एक संख्या नहीं, बल्कि भारत की प्रगति का ग्रोथ इंजन है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “जब युवा शक्ति अनुशासन व कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ती है, तो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव पड़ती है।” उन्होंने वासन्तीय नवरात्रि का उल्लेख करते हुए नारी शक्ति के सम्मान पर बल दिया और कहा कि जो समाज महिला शक्ति का आदर करता है, वही सतत विकास सुनिश्चित कर सकता है।
खिलाड़ियों को मिला सरकारी सेवा का उपहार
प्रदेश सरकार की ‘खिलाड़ियों को सीधी भर्ती’ नीति के तहत आज कई दिग्गजों को प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति मिली। प्रमुख नियुक्तियों में शामिल हैं। राजकुमार पाल (हॉकी) व प्रवीन कुमार (पैरा एथलेटिक्स): डिप्टी एस.पी. (डीएसपी)। अजीत सिंह व सिमरन (पैरा एथलेटिक्स): जिला पंचायत राज अधिकारी (डीआरडीओ)। प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स): खंड विकास अधिकारी (बीडीओ)। रिंकू सिंह (क्रिकेट): क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी पद के नियुक्ति पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री ने एकलव्य क्रीड़ा कोष के माध्यम से आर्थिक सहायता सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए हस्तांतरित की। पदक विजेताओं में पैरा पावरलिफ्टर विनय कुमार (40 लाख रुपये), वुशू खिलाड़ी विक्रांत बालियान और शूटर सागर दांगी (15-15 लाख रुपये) को पुरस्कृत किया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के खेल बुनियादी ढांचे में आए क्रांतिकारी बदलावों का विवरण साझा किया। उन्होंने घोषणा की कि मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और आगामी मई-जून में इसका भव्य उद्घाटन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य हर मंडल स्तर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करना है, जिसे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ये संस्थान वर्ष 2036 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को मजबूती प्रदान करेंगे।
कौशल और सुधार का मंत्र
जापानी अवधारणाओं ‘काइज़ेन’ (निरंतर सुधार) और ‘मोनोजुकरी’ (उत्कृष्ट निर्माण) का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को अपनी तकनीक में लगातार सुधार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा के सूत्र ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ (कर्मों में कुशलता ही योग है) को सफलता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि “देश में चौका और छक्का कहीं भी लगे, लेकिन वह बैट मेरठ का ही बना होता है,” जो ‘लोकल से ग्लोबल’ की पहचान का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का आह्वान करते हुए आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार उनके संघर्ष और परिश्रम के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि देश की सामर्थ्य को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है।

