ग्राम पंचायतों में उत्सव भवन, डिजिटल लाइब्रेरी और इण्टीग्रेटेड कैम्पस बनाने के निर्देश
स्वच्छता, खुली चौपाल और राजस्व वसूली में तेजी लाने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पंचायतीराज विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तभी आत्मनिर्भर बन सकता है, जब ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया और कहा कि इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रमों और योग/वेलनेस गतिविधियों के लिए किया जाए। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर योजनाओं का विस्तार करने तथा सीएसआर, विधायक निधि और मातृभूमि योजना के माध्यम से सहयोग लेने के निर्देश दिए। मातृभूमि योजना से प्रवासियों को जोड़ने और उनके योगदान को मान्यता देने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वित्तीय वर्ष में 9.67 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें अब तक 4.79 लाख शौचालय पूरे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पूरे देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 103 इकाइयां पूरी हो चुकी हैं और 132 निर्माणाधीन हैं।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में सीवर और ड्रेनेज के पानी का पुनः उपयोग करने, 160 एफएसटीपी निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने और सभी कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खुली चौपाल की व्यवस्था की जाए, जहां सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाए, लाभार्थियों का सत्यापन हो और नए लाभार्थियों का चयन किया जाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाए। डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कम्प्यूटर और फर्नीचर की गुणवत्ता उत्कृष्ट हो और पुस्तकें स्थानीय छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। ग्राम पंचायतों में इण्टीग्रेटेड कैम्पस विकसित करने का भी निर्देश दिया गया, जिसमें विद्यालय, उत्सव भवन, खेल का मैदान, ओपन जिम, पार्क और मॉडल शॉप जैसी सुविधाएं हों। उन्होंने कहा कि भूमि चयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए और सभी स्थान ऐसी जगह हों, जहां हर किसी की पहुंच आसान हो।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि हर माह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्ष में एक बार भौतिक बैठक के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। पंचायतीराज विभाग को एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करना होगा, ताकि योजनाएं समय पर पूरी हों और ग्राम पंचायतें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

