गोरखपुर को मिला महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर व नेपाल के लिए नया वैकल्पिक मार्ग
600 मीटर से अधिक लंबा यह अत्याधुनिक आरओबी सेतु निगम ने एक वर्ष में निर्मित किया है
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर डोमिनगढ़ एवं गोरखपुर जंक्शन के मध्य रेलवे क्रॉसिंग संख्या 162-ए पर 138 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का लोकार्पण किया। गोरखनाथ ब्रिज के समानांतर बने इस नए आरओबी से गोरखपुर महानगरवासियों को महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और नेपाल जाने के लिए एक नया एवं सुगम मार्ग उपलब्ध हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 600 मीटर से अधिक लंबा यह अत्याधुनिक आरओबी सेतु निगम द्वारा मात्र एक वर्ष में निर्मित किया गया है। इसमें बेहतर प्रकाश व्यवस्था, साउंड बैरियर तथा दोनों ओर नागरिकों के लिए फुटपाथ की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे यातायात और पैदल आवागमन दोनों सुरक्षित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विरासत और विकास की सोच वाली डबल इंजन सरकार कार्य करती है, तो विकास तीव्र गति से आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। रेल, सड़क और वायु कनेक्टिविटी के साथ-साथ गरीबों को आवास, राशन, इलाज, बिजली और गैस जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से बाहर निकलकर विकास और विरासत का नया केंद्र बन चुका है। गोरखपुर जलजमाव, माफिया और बीमारी से मुक्त होकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर बन गया है। 4-लेन सड़कों, लिंक एक्सप्रेसवे और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण गोरखपुर से वाराणसी की दूरी अब ढाई से तीन घंटे तथा लखनऊ की दूरी तीन से साढ़े तीन घंटे में तय हो रही है। हर्बर्ट बांध पर भी नए मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र बन चुके हैं। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी का उन्मूलन नए उत्तर प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। रामगढ़ताल पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पैसा प्रदेश के विकास में लगाया जा रहा है। हर जनपद में मेडिकल कॉलेज, सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, पेंशन योजनाएं और पर्वों पर मुफ्त गैस रिफिल जैसी योजनाएं आमजन को राहत दे रही हैं। आज उत्तर प्रदेश राजस्व अधिशेष राज्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने ठंड को देखते हुए अलाव, कंबल वितरण और रैन बसेरों की व्यवस्था की जानकारी देते हुए नागरिकों से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की। कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल और गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

