सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित कम्पोजिट विद्यालय से
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ कर, पुस्तकें वितरित कीं
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जनपद वाराणसी के शिवपुर स्थित कम्पोजिट विद्यालय से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का जरिया नहीं, बल्कि मनुष्य को संस्कारित करने और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नवीन पाठ्य-पुस्तकें वितरित कीं और छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर मिड-डे-मील का भोजन किया। उन्होंने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि 03 से 06 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को आंगनबाड़ी (बाल वाटिका) और 06 वर्ष से ऊपर के बच्चों को प्राथमिक विद्यालय से जोड़ना अनिवार्य है। प्रथम चरण 15 अप्रैल तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 01 से 15 जुलाई के बीच संचालित होगा। 15 अप्रैल के बाद यूनिफॉर्म, बैग और जूतों के लिए धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी।
सफलता के आंकड़े और बुनियादी सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से प्रदेश के 1.36 लाख से अधिक विद्यालयों का नवीनीकरण किया गया है। बेहतर पेयजल और टॉयलेट व्यवस्था के कारण ‘ड्रॉप आउट रेट’ 19 प्रतिशत से घटकर मात्र 03 प्रतिशत रह गया है, जिसे अब शून्य पर लाने का लक्ष्य है। उन्होंने प्रत्येक जनपद में अत्याधुनिक ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय‘ खोलने की बात भी दोहराई।
शिक्षकों और कर्मियों के लिए सौगात
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इसी महीने से अनुदेशकों का मानदेय 17,000 रुपये और शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रुपये लागू कर दिया जाएगा। साथ ही, शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोइया और अनुदेशकों के लिए 05 लाख रुपये की ‘कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा’ सुनिश्चित की गई है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों को कॉन्वेंट की तर्ज पर उत्कृष्ट बनाएं और हर घर का दरवाजा खटखटाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इससे पूर्व, उन्होंने बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की।

