किसान सम्मान दिवस में प्रगतिशील किसानों, एफपीओ व वैज्ञानिकों को सम्मान, 25 किसानों को ट्रैक्टर वितरित
सीड पार्क प्लॉट आवंटन प्रक्रिया शुरू, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब के लिए 31 एकड़ भूमि चिन्हित
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का सम्पूर्ण जीवन अन्नदाता किसानों के कल्याण के लिए समर्पित रहा। वे देश, गांव और किसान के हित में निर्भीक होकर बोलते थे और मानते थे कि जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा, तब तक भारत समृद्ध नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री आज चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किसान सम्मान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और उन्नत कृषि में योगदान देने वाले कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के अंतर्गत 25 किसानों को ट्रैक्टर वितरित कर रवाना किया गया। साथ ही भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क के प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया का शुभारम्भ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित कर देश के किसानों के गौरव को बढ़ाया है। राज्य सरकार उनकी सोच को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को आज हर योजना का लाभ प्राथमिकता से मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप धान, गेहूं, चना, सरसों, मक्का सहित प्रमुख फसलों का उत्पादन बढ़ा है और लागत में कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद कृषि ऋण मोचन, एमएसपी की गारंटी, बीज से बाजार तक सुविधाओं की श्रृंखला और तकनीक के उपयोग से कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। तकनीक खेती को सरल बनाती है और उत्पादन भी बढ़ाती है। प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 89 कर दी गई है, जो किसानों को नई तकनीक से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की स्मृति में स्थापित किए जा रहे सीड पार्क से किसानों को उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध होगा, जिससे उत्पादन में 30 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की अत्याधुनिक लैब के लिए 31 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित की गई है, जिससे गन्ना, केला, आलू सहित कई फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए यह प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जानकारी दी कि 16 लाख निजी नलकूपों से जुड़े किसानों के बिजली बिल पूरी तरह माफ किए गए हैं और सरकार प्रतिवर्ष लगभग 3,000 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारिता के माध्यम से संचालित भूमि विकास बैंक के ऋण पर ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है, शेष राशि सरकार वहन करेगी। सरकार किसानों की खुशहाली और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम में उच्चतम उत्पादकता प्राप्त करने वाले किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

