- महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद बेहतर शिक्षा के जरिए समाज और राष्ट्र निर्माण में निभा रही अहम भूमिका : मुख्यमंत्री
- शौर्य, स्वदेश और राष्ट्राभिमान की प्रेरणा हैं महाराणा प्रताप : योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापकों ने आत्मिक उन्नति के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का विराट लक्ष्य हमारे सामने रखा है। जब शौर्य, स्वदेश और राष्ट्राभिमान की बात आती है तो महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों का चित्र स्वतः हमारे सामने आ जाता है। ऐसे महापुरुषों के कार्य हम सभी को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री आज जनपद गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छह वर्षों बाद महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की ओर अग्रसर होगी। यह परिषद और इससे जुड़ी सभी संस्थाओं के लिए आत्ममंथन का अवसर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और महापुरुषों के जीवन से जुड़ी होती है। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महापुरुष आज भी देश को प्रेरणा देते हैं। यदि किसी राष्ट्र की संस्कृति नष्ट हो जाती है, तो उसकी आत्मा भी कमजोर हो जाती है। उन्होंने कहा कि महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज ने वर्ष 1932 में राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त शिक्षा के उद्देश्य से महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। वर्तमान में परिषद के अंतर्गत 51 से 52 शिक्षण, सेवा एवं स्वास्थ्य संस्थान संचालित हो रहे हैं, जो निरंतर समाज सेवा में लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस अवसर पर दो विशिष्ट पत्रिकाओं महन्त दिग्विजयनाथ पी.जी. कॉलेज द्वारा प्रकाशित ‘दिग्विजयम्’, महाराणा प्रताप पी.जी. कॉलेज द्वारा प्रकाशित ‘मिशन मझरिया’, का विमोचन किया गया। ‘मिशन मझरिया’ एक शोध मॉडल है, जिसमें गाँव के प्रति हमारी जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए पंच प्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, कर्तव्यबोध, सांस्कृतिक गौरव, सामाजिक समरसता और नागरिक जिम्मेदारी ही विकसित भारत की नींव हैं। वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हम सभी को मिलकर पूरा करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद भारत ने विश्व में अपनी आर्थिक और सामाजिक पहचान बनाई है। आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में जीत-हार से अधिक निरंतर प्रयास महत्वपूर्ण होता है। असफलता हमें नई शक्ति और समझ देती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

