त्याग और बलिदान से ही इतिहास बनता है, भारत का इतिहास इसी परम्परा का साक्ष्य : मुख्यमंत्री
साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के समक्ष मत्था टेका, सिख संतों का सम्मान किया व लंगर छका
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास उन्हीं का बनता है, जिनके मन में त्याग और बलिदान की इच्छाशक्ति होती है। देश तात्कालिक स्वार्थ से नहीं, बल्कि समर्पण, त्याग और बलिदान से आगे बढ़ता है। भारत का इतिहास त्याग व बलिदान का इतिहास है। गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के साहिबज़ादों ने अत्यन्त कम उम्र में देश और धर्म के लिए स्वयं का बलिदान देकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री आज मुख्यमंत्री आवास पर वीर बाल दिवस एवं साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर आयोजित कीर्तन समागम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने शीश पर साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के पावन स्वरूप को धारण कर आगमन एवं स्वागत करते हुए आसन पर विराजमान किया। उन्होंने साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के समक्ष मत्था टेका, सिख संतों का सम्मान किया तथा लंगर छका। इस अवसर पर सिख धर्म पर आधारित पुस्तक ‘छोटे साहिबज़ादे’ का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबज़ादों—बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—की स्मृतियों को नमन करते हुए 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का निर्णय लिया। यह निर्णय देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र और धर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास भक्ति और शक्ति के अद्भुत समन्वय का प्रतीक है। गुरु नानक देव जी महाराज ने मानवता के कल्याण के लिए बिना रुके और बिना झुके पाखण्ड के विरुद्ध आवाज उठाई। गुरु तेग बहादुर जी महाराज की शहादत और गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज द्वारा समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य आज भी राष्ट्र को दिशा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब स्वदेश और स्वधर्म को प्राथमिकता दी जाती है, तभी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। आज भारत के 140 करोड़ लोग और दुनिया भर के सनातन व सिख धर्मावलम्बी सिख गुरुओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। चारों साहिबज़ादे आज देश के प्रत्येक पाठ्यक्रम और जनचेतना का हिस्सा बन चुके हैं।

कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

