भाजपा नफरत की राजनीति करती है, कमजोर होती है तो और साम्प्रदायिक हो जाती है: अखिलेश

Prashant

January 15, 2026

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, चुनाव घोषित होते ही बुलडोजर गायब होने का दावा

सपा मुख्यालय में बोले अखिलेश, 2027 में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का आह्वान

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा का बुलडोजर कहीं नजर नहीं आएगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर कर “डिटेंशन सेंटर” भेज देगी।

सपा प्रदेश मुख्यालय में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को पूरी तरह नाकाम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में प्रदेश में अन्याय, अधर्म और अत्याचार बढ़ा है। सरकार की नीतियों से पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति करती है और जैसे-जैसे कमजोर होती जाती है, उतनी ही अधिक साम्प्रदायिक हो जाती है। उन्होंने भाजपा नेताओं को “आरोपजीवी” करार देते हुए कहा कि उनका पूरा राजनीतिक अस्तित्व समाजवादी पार्टी पर झूठे आरोप लगाने पर टिका है। उन्होंने भाजपा को पूंजीवादी पार्टी बताते हुए कहा कि यह केवल बड़े पूंजीपतियों के हित में काम करती है और बैंकों से कर्ज दिलाने तक सीमित है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का बुलडोजर सिर्फ दिखावा है और चुनाव की घोषणा होते ही यह पूरी तरह गायब हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में प्रदेश की जनता भाजपा को करारा जवाब देगी और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विकास के बड़े कार्य हुए थे। 2027 में सरकार बनने पर किसानों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं के हित में ठोस फैसले लिए जाएंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी और महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी। कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची में हर पात्र नागरिक का नाम जुड़वाने के लिए अभियान तेज किया जाए। उन्होंने 6 फरवरी से पहले नए और छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 भरवाने पर विशेष जोर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *