सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को फतेहपुर में बूथ लेवल ऑफिसर की आत्महत्या के संबंध में बोला
बताया भाजपा सरकार का ‘पाप का महापाप’, बोले सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और मानसिक दबाव से कर्मचारी दे रहे जान
लखनऊ | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को फतेहपुर में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा की गई आत्महत्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को भाजपा सरकार का ‘पाप का महापाप’ करार देते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और मानसिक दबाव के कारण कर्मचारियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
वोटर लिस्ट में धांधली का सनसनीखेज आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2026’ (SIR) के नाम पर BLOs पर भारी दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को फॉर्म-7 के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम काटने और फॉर्म-6 के माध्यम से फर्जी नाम जोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा, “भाजपा सरकार के दबाव में BLOs महीनों से 24 घंटे काम कर रहे हैं। इसी तनाव के कारण कर्मचारी आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।”
बेटी की शादी के लिए भी नहीं मिली छुट्टी
फतेहपुर के आलियाबाद गांव में 50 वर्षीय BLO अखिलेश कुमार सविता का शव शनिवार शाम एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में लटका हुआ मिला था। मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट का शीर्षक ‘जीवनमुक्ति’ था, जो काम के अत्यधिक दबाव की ओर इशारा करता है। सपा प्रमुख ने बताया कि मृतक कर्मचारी की बेटी की शादी 10 दिन बाद होनी थी, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा की संवेदनहीनता अब अधिकारियों में भी घर कर गई है।
‘जनता की दुश्मन सरकारों का अंत निश्चित’
अखिलेश यादव ने इतिहास का हवाला देते हुए भाजपा को चेतावनी दी कि जो सरकारें अपनी ही जनता और कर्मचारियों के लिए खलनायक बन जाती हैं, उनका पतन निश्चित है। उन्होंने कहा, “नकारात्मक ऊर्जा वाली भाजपा जैसी शक्तियों का अंत निकट है। तानाशाही की पराकाष्ठा ही ऐसी नकारात्मकता के विघटन की शुरुआत होती है।”
कर्मचारियों से मार्मिक अपील
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी BLOs और कर्मचारियों से अपील की कि वे हिम्मत न हारें और अपनी जिम्मेदारियों को धैर्य के साथ निभाएं। उन्होंने अधिकारियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक बेटी की शादी की जिम्मेदारियों और भावनाओं को वही समझ सकता है जिसका अपना परिवार हो।

