वैध दस्तावेज होने के बावजूद नाम काटने का आरोप, EC अधिकारियों पर उठे सवाल

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पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। मालदा जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों द्वारा उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य जरूरी पहचान पत्र जमा किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके नाम सूची में नहीं दिख रहे। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन जारी है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और बिना उचित जांच के नाम हटाए जा रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें किसी तरह की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई, जिससे वे समय रहते अपनी आपत्ति दर्ज नहीं करा सके।
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसे पुनः जोड़ा जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने दस्तावेज जमा करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
इस बीच, राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिए हैं, जिससे मामला और अधिक गरमाता जा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

