“प्लास्टिक हटाओ – पर्यावरण बचाओ” अभियान का 19वां चरण

Anoop

November 28, 2025
  • वृक्ष कल्याणं के सचिव एवं संयोजक इंजी. बिपिन कांत के नेतृत्व में चला अभियान
  • भूतनाथ बाजार में 400 कपड़े के थैले बांटे, पॉलिथीन मुक्त बाजार बनाने का लिया संकल्प

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण एवं पॉलिथीन बहिष्कार जन-जागरण अभियान के 19वें चरण के अंतर्गत शुक्रवार को भूतनाथ बाजार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वृक्ष कल्याणं के सचिव एवं संयोजक सीनियर इंजीनियर बिपिन कांत के नेतृत्व में तथा भारत विकास परिषद इंदिरा नगर के सहयोग से बाबा भूतनाथ मार्केट पुलिस चौकी के निकट आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय अध्यक्ष डी.एस. शुक्ला, दोनों संस्थाओं के अध्यक्ष राजेश कुमार और सुधा सिंह ने किया।

वक्ताओं ने पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह बंद करने, पर्यावरण की रक्षा करने तथा मुख्यमंत्री द्वारा जारी संबंधित निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। सभी उपस्थित लोगों ने वृक्षों की सुरक्षा तथा अधिक से अधिक पौधारोपण का संकल्प भी लिया। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने “सबको पढ़ाओ, बिजली-पानी बचाओ, पेड़ लगाओ और पॉलिथीन को कहो ना” जैसे संदेशों वाली तख्तियों के माध्यम से दुकानदारों और ग्राहकों को जागरूक किया।

बाजार में पॉलिथीन लेकर चल रहे लोगों से पॉलिथीन लेकर उन्हें कपड़े का थैला प्रदान किया गया और पॉलिथीन छोड़ने की शपथ दिलवाई गई। इस दौरान करीब 400 कपड़े के थैले वितरित किए गए तथा पॉलिथीन के दुष्प्रभावों और संसाधन संरक्षण से संबंधित जानकारीपूर्ण पत्रक भी बांटे गए। अभियान के समर्थन में दुकानदारों और स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर भी कराए गए, जिनकी प्रति मुख्यमंत्री को भेजकर आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन का अनुरोध किया जाएगा।    

     कार्यक्रम में नीलम, ईला शर्मा, शीला, पुष्पांजली, शांति विभा सहित अनेक महिला कार्यकर्ता तथा आई.के. भारद्वाज, एस.के. खरे, देव शर्मा, एम.एल. अग्रवाल, आर.पी. गुप्ता, सौरभ और डी.के. गुप्ता आदि की सक्रिय उपस्थिति रही। संयोजक बिपिन कांत ने बताया कि संस्था वर्ष में दो बार यह अभियान चलाती है और जब तक भूतनाथ बाजार पूरी तरह पॉलिथीन मुक्त नहीं हो जाता, यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।

  • पॉलिथीन को नष्ट होने में सैकड़ों वर्ष लगते हैंभूतनाथ मार्केट में

रिक्शे-ठेले वालों और पॉलिथीन में सामान बेचने वालों को पॉलिथीन के खतरों के बारे में जागरूक किया गया। पॉलिथीन को नष्ट होने में सैकड़ों वर्ष लगते हैं, जलाने पर यह ज़हरीली गैसें उत्पन्न करती है जो वायु को दूषित करती हैं। यह नालियों को जाम कर जलभराव और बीमारियों को बढ़ावा देती है, वहीं पशु इसे निगल लेते हैं जिससे उनकी मृत्यु तक हो सकती है। पॉलिथीन मिट्टी की उर्वरता को भी कम कर देती है और खेती को नुकसान पहुँचाती है।

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