रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा पांचवां वार्षिक समारोह
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी अशोक बनर्जी ने की
लखनऊ। इन्दिरा नगर, लखनऊ के अमराई गाँव के ग्लोरी ऑफ़ गॉडस्कूल का पाँचवाँ वार्षिकोत्सव समारोह उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के संस्थापक राजकुमार तिवारी ने किया। उन्होंने विद्यालय की पाँच वर्षों की यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों तथा इस वर्ष के वार्षिकोत्सव की विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी दी।
तितली उड़ी बस में चढ़ी…
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों ने वेलकम डांस से कर अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद क्वॉयर गीत के जरिए प्रभु की आराधना कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्री-नर्सरी के बच्चों ने “तितली उड़ी बस में चढ़ी” पर मनमोहक प्रस्तुति दी। नर्सरी के बच्चों ने “चन्दा ने पूछा तारों से…” गीत पर आकर्षक नृत्य कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी अशोक बनर्जी (सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक, सूचना निदेशालय उत्तर प्रदेश) ने की। उन्होंने बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए विद्यालय के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए बच्चों और अभिभावकों के बीच संवाद को शिक्षा की मजबूत नींव बताया।
शिक्षा के साथ संस्कारों पर ज़ोर
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में एलकेजी एवं यूकेजी के बच्चों ने “चन्दा चमके तारा” और “मेरा जूता है जापानी” गीतों पर शानदार प्रदर्शन किया। सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने “मोबाइल टॉप” नाटक के माध्यम से मोबाइल की उपयोगिता के साथ उसके दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके बाद बच्चों ने “बुम बुम बोले”, “तारा रा”, “जीवन के दिन आरम्भ”, पंजाबी नृत्य और “शुभारंभ रंग” जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। दर्शकों ने तालियों से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि डॉ. जयशंकर राय (पूर्व प्रधानाचार्य, केन्द्रीय विद्यालय एवं साहित्यकार) ने पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय की सराहना की। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसे महान व्यक्तित्वों के उदाहरण देकर बच्चों को प्रेरित किया।

स्कूल का उद्देश्य केवल अंकों की दौड़ नहीं
विद्यालय की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए निदेशक जय तिवारी ने बताया कि स्कूल का उद्देश्य केवल अंकों की दौड़ नहीं, बल्कि बच्चों को एक अच्छा, ईमानदार और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें बोलने, लिखने और सामाजिक व्यवहार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। समापन वरिष्ठ नाटककार ललित पोखरिया ने किया। उन्होंने बच्चों, शिक्षकों, अतिथियों और अभिभावकों के सहयोग का आभार व्यक्त किया।

