बैंककर्मी लंबे संघर्ष और हड़ताल के लिए तैयार रहें – डी.के. सिंह
प्रदर्शन अखिल भारतीय आंदोलन के तहत आयोजित किया गया
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पाँच दिवसीय बैंकिंग लागू न किए जाने के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को बैंककर्मियों ने हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा के सामने जोरदार प्रदर्शन और सभा की। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय आंदोलन के तहत आयोजित किया गया।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि पाँच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर देशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा को संबोधित करते हुए कामरेड डी.के. सिंह (महामंत्री, एनसीबीई) ने कहा कि बैंककर्मियों पर लगातार बढ़ता कार्यभार, मानसिक तनाव और दबाव चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पाँच दिवसीय बैंकिंग शीघ्र लागू नहीं की गई तो बैंककर्मी लंबे संघर्ष और हड़ताल के लिए तैयार रहें।
सभा में कामरेड वाई.के. अरोड़ा, आर.एन. शुक्ला, मनमोहन दास, एस.के. संगतानी, संदीप सिंह, वी.के. माथुर और विशाखा वर्मा सहित अन्य नेताओं ने कहा कि जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और जनरल इंश्योरेंस सेक्टर में पाँच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, तो फिर बैंककर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
विभिन्न घटक संगठनों के नेताओं कामरेड एस.डी. मिश्रा, शकील अहमद, लक्ष्मण सिंह, बी.डी. पांडे, विभाकर कुशवाहा, यू.पी. दुबे, मनीष कांत और ललित श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित करते हुए सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की। फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 30 दिसंबर को लखनऊ में केनरा बैंक (आंचलिक कार्यालय, गोमती नगर), बैंक ऑफ इंडिया (चौक शाखा), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (कपूरथला शाखा) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (हजरतगंज शाखा) पर संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा।

