पर्व-त्योहारों व माघ मेला को लेकर सीएम की समीक्षा, सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Anoop

January 3, 2026

माघ मेला प्रथम दिन 15–25 लाख श्रद्धालुओं की संभावना, स्वास्थ्य व भीड़ प्रबंधन सुदृढ़ करने के निर्देश

शीतलहर, स्वच्छता, महिला सुरक्षा व बाढ़ बचाव पर विशेष जोर, अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों और प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला के मद्देनज़र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, गढ़मुक्तेश्वर, मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर सहित प्रमुख तीर्थ जनपदों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन तथा मेला क्षेत्र में सुगम प्रवेश-निकास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने बताया कि प्रयागराज में पौष पूर्णिमा से प्रारंभ हो रहे माघ मेला के पहले दिन 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने, अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। घाटों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध व अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मेला स्थल का रात्रिकालीन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और नाविकों व होटलों द्वारा मनमाना शुल्क वसूलने पर कड़ी नजर रखने को कहा।

भीषण शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव जलाने, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों को बाढ़ बचाव के लिए 10 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, स्वच्छता अभियान तेज करने, अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई और जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य कर पर्व-त्योहारों और माघ मेला के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

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