सीएम योगी ने की इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत
30 को राज्य पुरस्कार, 46 मेधावी छात्र सम्मानित, 500 दिव्यांगों को मिले उपकरण
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय विश्व दिव्यांग दिवस समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज की कमजोरी नहीं बल्कि नए भारत की प्रेरक शक्ति हैं। उनकी संघर्षशीलता और प्रतिभा देश को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 30 व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार प्रदान किए। इसके अलावा 46 मेधावी दिव्यांग छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया तथा 500 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले दिव्यांग पेंशन व्यवस्था में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार व्याप्त था। उस समय मात्र 300 रुपये मासिक सहायता दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है और यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश के 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रदेश सरकार ने 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर पहचान, प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड, सहायक उपकरण, कृत्रिम अंग, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
समावेशी समाज निर्माण का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मान और अवसर देकर ही समावेशी और सशक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने “बैरियर फ्री इंडिया” की दिशा में सरकार और समाज दोनों की संयुक्त भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। “दिव्यांगजन अपने आत्मविश्वास और परिश्रम से असंभव को संभव कर रहे हैं। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।” लखनऊ में विश्व दिव्यांग दिवस का तीन दिवसीय आयोजन शुर सीएम योगी ने 30 लोगों और संस्थाओं को राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार, 46 मेधावी दिव्यांग छात्र सम्मानित, 500 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। 18 मंडलों में नए दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने का उन्होंने फैसला लिया गया।

