लखनऊ। ललितपुर जेल में बंदी के पास से मोबाइल मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल पीसी मीणा ने जेलरए डिप्टी जेलर और जेल वार्डर को निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश भी दिया गया है। गुरुवार सुबह जिला कारागार ललितपुर में विचाराधीन बंदी ज्ञानेंद्र ढाका की तलाशी के दौरान उसके कपड़ों से एक कीपैड वाला मोबाइल फोन बरामद हुआ था।
इसकी जांच डीआईजी जेल कानपुर रेंज से कराई गई। जांच में पाया गया कि जेलर जीवन सिंहए डिप्टी जेलर प्रिंस बाबू और जेल वार्डर आकाश कुशवाहा ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर डीजी जेल ने तीनों लापरवाह जेल कर्मियों को निलंबित करने के साथ उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।
ललितपुर जेल में बंदी के पास फोन मिलने पर शासन का सख्त रुख
हत्या के मामले में ललितपुर जेल में बंद ज्ञानेंद्र ढाका पर फोन से जिला बागपत अंतर्गत धड़ल गांव के सीबीएसएम संचालक कृष्णपाल राणा से बीस लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप है। साथ ही रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके अलावा हिस्ट्रीशीटर प्रवीण उर्फ बब्बू हत्याकांड के वादी नवीन ढाका को भी हत्या करने की धमकी दी। इसकी जानकारी लगते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम सत्यप्रकाश और एसपी मोहम्मद मुश्ताक सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब ढाई से तीन घंटे तक जांच की गई। इस दौरान एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
चार महीने पहले बागपत से लाया गया ललितपुर
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जेल की चेकिंग के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इसके साथ एक चम्मच और अन्य सामग्री भी मिली है। पुलिस यह जांच कर रही है कि मोबाइल और सिम जेल तक किसने पहुंचाई। वहीं, जेलर की तहरीर पर कोतवाली सदर पुलिस ने बंदी ज्ञानेंद्र ढाका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बंदी ज्ञानेंद्र ढ़ाका को प्रशासनिक आधार पर चार माह पूर्व बागपत से जिला कारागार में लाया गया था और उसे बैरक में दो रखा गया गया था। ज्ञानेंद्र ढाका बागपत अंतर्गत ढिकौली गांव के हिस्ट्रीशीटर प्रवीण उर्फ बब्बू की हत्या के मामले में जेल में बंद है।
दो मिनट तीन सेकेंड हुई बातचीत
भड़ल गांव के सीबीएसएम पब्लिक स्कूल के प्रबंधक कृष्णपाल राणा ने बताया कि मंगलवार रात उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ज्ञानेंद्र ढाका बताया और हर महीने बीस लाख रुपये रंगदारी मांगी और रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। दो मिनट तीन सेकेंड की बातचीत में ज्ञानेंद्र और कृष्णपाल राणा के बीच बहस भी हुई। इसके बाद कृष्णपाल राणा को बेटे की हत्या करने की धमकी देकर रुपये वसूलने की धमकी दी। उनके पास बैठे भाकियू अराजनैतिक के मंडल सचिव नरेशपाल पंवार ने अपने मोबाइल से उसी नंबर पर फोन कर बातचीत की तो उसने बिजरौल की जमीन दिलवाने पर रुपये नहीं मिलने का उलाहना दिया। साथ ही यह भी धमकी दी कि किसी भी अधिकारी के यहां चले जाओ, कृष्णपाल को नहीं छोडूंगा। इस मामले में बागपत के चांदीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

