‘जल जीवन मिशन 2.0’ के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआरपाटील व सीएम योगी की उपस्थिति में हुआ हस्ताक्षर
लखनऊ। ग्रामीण भारत की जीवनरेखा माने जाने वाले ‘जल जीवन मिशन’ को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर वर्चुअल माध्यम से हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समझौते को ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा जे.जे.एम. 2.0 के माध्यम से जलापूर्ति योजनाओं को बेहतर रणनीति, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। कभी पानी की भारी किल्लत झेलने वाले इन क्षेत्रों में अब घर-घर पाइप से जलापूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
गुणवत्ता और जवाबदेही पर जोर
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटील ने मिशन की सफलता के लिए तीन स्तंभों—गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही—पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा परियोजनाएं केवल कनेक्शन देने तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक उपयोग और रखरखाव (Operation & Maintenance) पर आधारित होनी चाहिए। शुद्ध जल की पहुंच से न केवल स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर और बच्चों की शिक्षा पर भी अनुकूल असर पड़ेगा।
संचालन और रखरखाव पर विशेष फोकस
समझौते के तहत, सरकार का ध्यान अब केवल नए कनेक्शन देने पर ही नहीं, बल्कि पुरानी योजनाओं के सुदृढ़ीकरण और उनके सफल संचालन पर भी है। जिन गांवों में पहले पाइप पेयजल की सुविधा नहीं थी, वहां अब युद्ध स्तर पर विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भारत सरकार के सचिव (पेयजल एवं स्वच्छता) अशोक के. मीणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

