जनता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

Anoop

December 4, 2025
  • लखनऊ में जनता दर्शन में सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान के निर्देश
  • भूमि विवाद, पेंशन, आवास, बिजली-पानी से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाने के आदेश

लखनऊ। कैंप कार्यालय लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों लोगों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हर व्यक्ति को समय पर न्याय मिलना सरकार की प्रतिबद्धता और प्राथमिकता है, इसमें किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा उपस्थित रहे। अधिकतर शिकायतें भूमि विवाद, राजस्व मामलों, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से संबंधित रहीं। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों को संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपते हुए उनके त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।

श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन आम नागरिकों से सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे जमीनी सच्चाई सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आवश्यकता हो, वहां सीधे मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए और पीड़ितों को समयबद्ध राहत प्रदान की जाए। जनता को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र और जरूरतमंद लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। सरकार जनहित के लिए पूरी तरह संकल्पित है और किसी भी फरियादी को निराश लौटने नहीं दिया जाएगा।

जनसुनवाई के दौरान उप मुख्यमंत्री स्वयं फरियादियों के पास जाकर एक-एक व्यक्ति से सीधे संवाद करते नजर आए। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए इनके मामलों में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए। जनता दर्शन में करीब तीन दर्जन से अधिक जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। उप मुख्यमंत्री ने कई जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और शासन स्तर के उच्चाधिकारियों से मौके पर ही फोन पर बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भूमि संबंधी मामलों में उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजने और त्वरित समाधान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्पीड़न, अवैध कब्जा और गंभीर मामलों को संवेदनशीलता के साथ सख्ती से निपटाया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

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