हिंदू धर्म में ज्योतिष शास्त्र का अपना विशिष्ट महत्व है. इसी आधार पर आने वाले समय के शुभ-अशुभ संकेतों की गणना की जाती है. अधिकांश लोग यह जानना चाहते हैं कि उनका आने वाला दिन कैसा बीतेगा. ग्रहों की चाल तय अवधि में न सिर्फ राशि बल्कि नक्षत्र भी बदलती है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ता है.
सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है, जो आत्मा, पिता, मान-सम्मान और सरकारी नौकरी का कारक है. जब यह ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो इसे ‘संक्रांति’ कहते हैं. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 15 दिसंबर 2025 को सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर गुरु की राशि धनु में प्रवेश करेंगे. इस महत्वपूर्ण घटना को धनु संक्रांति के नाम से जाना जाता है. सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन विशेष रूप से 4 राशियां ऐसी हैं, जिनके लिए यह अवधि काफी कष्टदायक रहेगी.
इन राशियों पर मंडरा रहा है संकट
वृषभ – इस राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर काफी अशुभ परिणाम देखने को मिलेगा. जीवन में अस्थिरता का अनुभव हो सकता है. खासकर भावनात्मक और मानसिक स्तर पर. जल्दबाजी या आवेश में आकर लिए गए निर्णय भारी पड़ सकते हैं. किसी भी नए कार्य की शुरुआत सोच-समझकर करें और सलाह लेकर ही आगे बढ़ें.
मिथुन – इस राशि के जातक को यह राशि परिवर्तन काफी कठिनाई देगा. इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है. इस दौरान उनके काम अटक सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को विरोध का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही स्वास्थ के प्रति थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है.
कन्या – इस राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर तरक्की में बाधा डालने वाला रहेगा. साथ ही इस राशि के जातक जो भी शुभ कार्य करेंगे उसमें मन अशांत रहेगा, जिससे उदास रहेंगे. घर का माहौल भी खराब हो सकता है. ऑफिस में काम करने का मन नहीं करेगा. किसी से विवाद हो जाए, तो टाल दें. इस परिवर्तन के दौरान सयम बरतने की विशेष जरूरत है.
वृश्चिक – इस राशि के जातक का यह परिवर्तन बड़ा ही चिंताजनक रहेगा. सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. खर्च की अधिकता रहेगी. कारोबार में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. खर्च की अधिकता रहेगी. कारोबार में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
ऐसे करें सूर्य देव को प्रसन्न
इस राशि के जातक को चाहिए कि अशुभ परिणाम से बचने के लिए रोजाना इस दौरान सूर्य देव की उपासना करें. रोजाना सुबह सूर्य देव को अर्घ देकर सूर्य मंत्रों का जाप करें. और गरीबों में अनाज का दान करें. जिससे आने वाले कष्टों का निवारण हो सके.

