‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’: वाराणसी से लखनऊ तक पदयात्रा करेंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

Prashant

March 3, 2026

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य ने प्रदेश में गाय को ‘राज्य माता’ घोषित करने व गोमांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की

मांग को लेकर ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ मार्च का ऐलान किया, 7 मार्च से 11 मार्च तक निकलेगा साधु-संतों का मार्च

लखनऊ। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश में गाय को ‘राज्य माता’ घोषित करने और बीफ (गोमांस)

श्री विद्या मठ में पत्रकारों से बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार को इन मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 40 दिनों की समयसीमा दी थी, जो 11 मार्च को समाप्त हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन गाय के सम्मान और संरक्षण के लिए एक निर्णायक कदम है। प्रमुख मांगें: राज्य माता का दर्जा: गाय को उत्तर प्रदेश की ‘राज्य माता’ घोषित किया जाए। निर्यात पर रोक: प्रदेश से होने वाले गोमांस के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाने की मांगे कीं। शंकराचार्य ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और धर्म का आधार है, इसलिए उसे उचित संवैधानिक और धार्मिक सम्मान मिलना अनिवार्य है। इस यात्रा के माध्यम से वे जनमानस को एकजुट कर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

यात्रा का पूरा शेड्यूल (7 मार्च से 11 मार्च)

यह मार्च उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगा, जिसका खाका इस प्रकार तैयार किया गया है। 6 मार्च: शंकराचार्य घाट पर आंदोलन के संकल्प के साथ शुरुआत। 7 मार्च: संकटमोचन मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्री विद्या मठ से यात्रा का प्रारंभ। इसके बाद जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली में जनसभाएं होंगी। 8 मार्च: यात्रा मोहनलालगंज, अचलगंज और उन्नाव पहुंचेगी। 9 मार्च: उन्नाव से होते हुए बांगरमऊ, बघौली और नैमिषारण्य में पड़ाव। 10 मार्च: सिधौली और इटौंजा के रास्ते आगे बढ़ते हुए। 11 मार्च: लखनऊ में यात्रा का समापन, जहाँ एक विशाल बैठक का आयोजन किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *