राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का वार्षिक खिचड़ी भोज, सैकड़ों पदाधिकारी हुए शामिल
आठवें वेतन आयोग से आगे की राह और पुरानी पेंशन पर संघर्ष जारी
लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा पूर्व वर्ष की परंपरा के अनुरूप डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में नववर्ष एवं खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. अमरनाथ यादव ने की, जबकि मुख्य अतिथि नार्दर्न मेन्स यूनियन के महासचिव कामरेड शिवगोपाल मिश्रा एवं विशिष्ट अतिथि इं. हरिकिशोर तिवारी रहे। आयोजन में केन्द्र एवं राज्य कर्मचारी संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के संयोजक व कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए सभी कर्मचारी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष तेज करना होगा। उन्होंने बताया कि आठवें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन से जुड़ी केन्द्र सरकार की समितियों में कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा जा रहा है।
मुख्य अतिथि कामरेड शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि आठवें वेतन आयोग के गठन के पीछे लंबा संघर्ष रहा है। कर्मचारियों के निरंतर आंदोलनों, पत्राचार और वार्ता के दबाव में केन्द्र सरकार को निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब भविष्य में नौवें और दसवें वेतन आयोग का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर पिछले 12 वर्षों में देशभर में हुए आंदोलनों के परिणामस्वरूप केन्द्र सरकार ने समिति गठित कर वार्ता शुरू की।
यूपीएस मॉडल में अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन और उस पर महंगाई भत्ता देय होने की व्यवस्था की गई है, हालांकि कुछ कमियों पर अभी कार्य की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि इं. हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि कर्मचारी अधिकार एकजुट और संगठित आंदोलन से ही प्राप्त होते हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ने कहा कि कर्मचारियों को अपने परंपरागत अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

कार्यक्रम में आयकर, रेलवे, एआईआरएफ, राज्य कर्मचारी महासंघ, कृषि अधीनस्थ सेवा संघ, चालक संघ सहित विभिन्न केन्द्र एवं राज्य कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में अपने विचार रखे और आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

