राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव अर्चना गहरवार से भेंट
पदोन्नति विसंगतियों पर चर्चा; कुलसचिव ने पत्रावली शीघ्र शासन भेजने का आश्वासन दिया
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में कार्यरत फिजियोथेरेपिस्टों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति और कैडर पुनर्गठन से जुड़ी समस्याओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलसचिव अर्चना गहरवार से शिष्टाचार भेंट की।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने वार्ता के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट संवर्ग की पीड़ा को साझा किया । अतुल मिश्रा ने बताया कि 30 मई 2022 को कैडर पुनर्गठन के बाद नवंबर 2023 में जो पदोन्नतियाँ हुईं, उनमें भारी विसंगति है।
25 वर्षों से कार्यरत फिजियोथेरेपिस्टों को उनकी वरिष्ठता के अनुसार ‘चीफ फिजियोथेरेपिस्ट’ बनाया जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें केवल ‘सीनियर’ के पद पर पदोन्नत किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि उसी संस्थान के अन्य संवर्गों में कर्मचारियों को सर्वोच्च पदों पर पदस्थापित किया गया है, जबकि फिजियोथेरेपिस्टों के साथ भेदभाव से उन्हें बड़ी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि कुलपति महोदया द्वारा पत्रावली को अनुमोदित कर कुलसचिव कार्यालय भेज दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव महोदया से अनुरोध किया कि इस पत्रावली को शीघ्र शासन को अग्रसारित किया जाए ताकि कर्मचारियों को देय लाभ समय से मिल सकें।
वार्ता के दौरान कुलसचिव अर्चना गहरवार का दृष्टिकोण बेहद सकारात्मक रहा। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि “सभी समस्याओं के निस्तारण और पदोन्नति की विसंगतियों पर अतिशीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और संबंधित पत्रावली शासन को प्रेषित कर दी जाएगी।”
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
अतुल मिश्रा के नेतृत्व में गए इस 7 सदस्यीय दल में प्रोविन्शियल फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन केजीएमयू के अध्यक्ष डॉ. मन्सूर अहमद खान, उपाध्यक्ष डॉ. तेजवीर सिंह, डॉ. के.के. चौधरी, डॉ. फैज अहमद, मंत्री डॉ. प्रणय सिंह, संयुक्त मंत्री डॉ. श्रद्धा एवं डॉ. विशाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

