कड़ा धाम बनेगा कौशांबी का धार्मिक पर्यटन केंद्र : जयवीर सिंह
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा कौशांबी जिले के सिराथू तहसील स्थित कड़ा धाम के कुबरी घाट पर 2.41 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया आरती स्थल अब लगभग पूर्ण हो चुका है। यह परियोजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और दिव्य वातावरण उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इक्यावन शक्तिपीठों में से एक मां शीतला धाम मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है और यह विकास कार्य उसी श्रद्धा और सुविधा को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि कौशांबी जिला धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। मंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध की भूमि होने के साथ-साथ कौशांबी हिंदू आस्था का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। कुबरी घाट धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जहां श्रद्धालु वर्षों से धार्मिक अनुष्ठान करते आए हैं। श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ और आरती में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए इस परियोजना को प्राथमिकता पर पूरा किया गया है।

शक्तिपीठ की ऐतिहासिक महत्ता, बढ़े पर्यटक
सैकड़ों वर्षों से शीतला धाम कड़ापीठ शक्ति उपासकों का प्रमुख केंद्र रहा है। स्कंद पुराण के अनुसार, देवी सती के शरीर के दाहिने कर के कराकोटम वन में गिरने से यहां शक्तिपीठ की स्थापना हुई थी। यही स्थल आज देश-दुनिया में कड़ा धाम के नाम से विख्यात है। जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 की पहली छमाही में लगभग 14.76 लाख से अधिक पर्यटक कौशांबी पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या मां शीतला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की रही। राज्य सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कुबरी घाट क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा, जिससे कौशांबी को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

