- मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत आठ को समन, 8 दिसंबर को पूछताछ के लिए तलब
- यूपी के 30 से अधिक मामलों की एफआईआर बनी आधार, कई जिलों में जांच का दायरा बढ़ा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े संगठित नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कस दिया है। ईडी ने इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत औपचारिक केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस केस की निगरानी ईडी का लखनऊ जोनल कार्यालय करेगा। केस दर्ज होते ही मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल सहित आठ आरोपियों को समन जारी कर दिया गया है।
ईडी ने वाराणसी स्थित शुभम जायसवाल के आवास पर समन चस्पा कर उसे 8 दिसंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि शुभम इस समय दुबई में है। एजेंसी ने उससे उसकी कंपनियों, फर्मों, चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके साथ ही पिछले 10 वर्षों का आयकर विवरण और संपत्ति खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों – अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह, भोला जायसवाल, गौरव, वरुण, विकास, आसिफ, वासिफ, विकास सिंह नरवे सहित 30 से अधिक लोगों को भी जल्द समन भेजा जाएगा। जो आरोपी इस समय जेल में हैं, उनसे अदालत की अनुमति लेकर पूछताछ की जाएगी।
ईडी ने गाजियाबाद, सोनभद्र, वाराणसी, जौनपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में दर्ज 30 से ज्यादा एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का यह केस दर्ज किया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और झारखंड में दर्ज मामलों से भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के दौरान शुभम द्वारा इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर गाड़ी (यूपी 32 एफए 1111) की जानकारी भी खंगाली जा रही है। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रवीन कुमार की ओर से भेजे गए समन में साफ किया गया है कि समय पर पेश न होने की स्थिति में शुभम जायसवाल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

