ट्रेन में बैठने से पहले दोस्त से की बात, सर्विलांस पर आई कॉल से रुड़की में घेराबंदी
अपहृत युवती रूबी बरामद, हत्या में अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका पर सवाल
मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक अहम फोन कॉल के जरिए मुख्य आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीसरे दिन अपहृत युवती रूबी को सकुशल बरामद कर लिया गया। आरोपी ट्रेन से हरिद्वार भागने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद पारस सोम युवती को लेकर सहारनपुर के नागल गांव में अपने एक रिश्तेदार के यहां दो दिन तक छिपा रहा। सहारनपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों शनिवार को दूसरी जगह निकल सकते हैं। इसी दौरान पारस अपने मोबाइल फोन के जरिए सर्विलांस पर आ गया। रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद पारस ने अपने एक दोस्त को फोन कर कहा, “मैं बाहर निकल रहा हूं।” यह कॉल सुनते ही मेरठ पुलिस हरकत में आ गई और तत्काल हरिद्वार के एसएसपी से संपर्क किया गया।

सूचना मिलते ही एसपी देहात हरिद्वार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रुड़की रेलवे स्टेशन की घेराबंदी कर दी। इससे पहले कि आरोपी ट्रेन में सवार होकर फरार होता, पुलिस ने युवती रूबी को बरामद कर लिया और पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया। मेरठ से एसपी सिटी की टीम भी मौके के लिए रवाना हुई और देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ लाया गया। एसएसपी के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में पारस ने सुनीता की हत्या और रूबी के अपहरण की बात कबूल कर ली है।
इधर, कपसाड़ गांव में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। शनिवार को एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी गांव के पास सलावा चौकी पर डटे रहे और पल-पल की जानकारी लखनऊ मुख्यालय को देते रहे। गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई और आरएएफ सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
हालांकि, इस सनसनीखेज मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका अब भी सवालों के घेरे में है। एफआईआर में पारस सोम के अलावा सुनील राजपूत और दो अज्ञात युवकों को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस न तो सुनील को पकड़ सकी है और न ही अज्ञात आरोपियों की पहचान हो पाई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में घटना के समय मौके पर केवल पारस और रूबी की मौजूदगी सामने आ रही है, ऐसे में अन्य नामजद लोगों की वास्तविक भूमिका की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार सुबह सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। तभी रजबहे की पटरी के पास कार सवार आरोपियों ने रूबी का अपहरण करने की कोशिश की। विरोध करने पर सुनीता पर फरसे से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि आरोपी पहले भी आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है और अपने पिता पर हमला कर चुका है। युवती को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा और उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

