ऊर्जा मंत्री ने बिजली कर्मियों को दी चेतावनी, बोले- खत्म हुआ मौखिक आदेश का दौर, अब लिखित आदेश होंगे जारी

Anoop

July 31, 2025

ऊर्जा मंत्री बोले अब कर्मचारियों को मौखिक नहीं लिखित आदेश दिए जाएंगे

यूपी में बिजली कर्मियों और ऊर्जा मंत्री के बीच चल रहे तनाव के बीच

लखनऊ। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पॉवर कॉर्पोरेशन और निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी दे डाली है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय है, अब कार्रवाई की जाएगी। कॉर्पोरेशन और निगमों को चेताया कि बार-बार मौखिक आदेश दिए गए हैं। अब लिखित में आदेश दिए जाएंगे। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान भी दिलाया है। कहा कि छोटे-छोटे बकाया होने पर और उपभोक्ता के तुरंत बिल जमा करने की तैयारी बताने पर भी कनेक्शन काट दिया जा रहा है। ऐसा करने वाले बिजलीकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह कुछ लोगों का बिल बकाया होने पर पूरे फीडर या गांव की लाइन काट दी जाती है। आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए।

एके शर्मा ने कहा कि ऐसे फीडर पर जला हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदलना या उच्चीकरण नहीं करना भी न्यायसंगत नहीं है। ट्रांसफार्मर बदलना और राजस्व वसूल करना दोनों प्रक्रिया अलग-अलग की जाएं। कई बार फीडर/ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने और बार-बार बिजली ट्रिप होने या लो वोल्टेज होने के बावजूद ट्रांसफार्मर का उच्चीकरण क्यों नहीं किया जाता।

उन्होंने कहा कि बिजली चोरी रोकना हमारी प्राथमिकता है लेकिन उसके लिए अलग कार्रवाई की जाए। चोरी रोकने के लिए बिजली ही रोक देने की बात उचित नहीं है। ट्रांसफार्मर जलने के बाद कई दिन तक रिपोर्ट नहीं होता। ट्रांसफार्मर की उपलब्धि से लेकर उसे लगाने में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।  ग़लत बिल की शिकायते विशेष चिंता का विषय है। इसके साथ कुछ कर्मियों के भ्रष्टाचार की भी शिकायतें आती रहती हैं। इसपर विराम लगे।

मेंटेनेंस कार्य करना आवश्यक हो तो सामान्य रोस्टिंग के समय किया जाय। लोगों को पूर्व जानकारी देकर ही शटडाउन लिया जाय।  कुशल व काम करने वाले संविदाकर्मियों की बड़ी संख्या को हाल में निकाल दिया गया है। उनकी जगह पर अकुशल कर्मी रखे गए हैं। इसकी समीक्षा कर दोषियों पर कार्रवाई करें।

1912 टोल फ्री नंबर की व्यवस्था को तुरंत ठीक करें। अधिकारी फरियादियों का फोन उठाने की आदत डालें।  शिकायतों के निस्तारण के लिए यूपीपीसीएल और डिस्कॉम के स्तर पर भी निदेशक स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाए। विजिलेंस की टीम कुछ स्थानों में हो रही बड़ी और संगठित चोरी पर ही ध्यान केंद्रित करे।

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