‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ 2 फरवरी के अवसर पर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही
महावीर स्वामी पक्षी विहार में किया जा रहा है, जहाँ माननीय पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह जी ‘नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ करेंगे
लखनऊ। ‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ 2 फरवरी के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस वर्ष का मुख्य आयोजन देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी पक्षी विहार में किया जा रहा है, जहाँ माननीय पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह जी ‘नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ करेंगे।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना जी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश की जनता को वेटलैंड्स के महत्व और सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान का उत्सव इस वर्ष की थीम “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव” है। देवगढ़ का यह पावन क्षेत्र हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों की आस्था का केंद्र है, जहाँ प्रकृति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
भूगर्भ जल का ‘किडनी’ और ‘बायोलॉजिकल सुपरमार्केट’ मंत्री जी ने बताया कि वेटलैंड्स जल को शुद्ध करने का कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें ‘किडनीज़ ऑफ द लैंडस्केप’ कहा जाता है। साथ ही, भोजन और औषधि का भंडार होने के कारण इन्हें ‘बायोलॉजिकल सुपरमार्केट’ भी कहा जाता है। ये भूगर्भ जल स्तर को ऊपर उठाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
उत्तर प्रदेश: रामसर साइट्स की संख्या में देश में दूसरे स्थान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में विगत 8 वर्षों में प्रदेश के 10 नए वेटलैंड्स को अंतर्राष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा मिला है। वर्तमान में 11 रामसर साइट्स के साथ उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। वेटलैंड संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने वेटलैंड्स के संरक्षण हेतु ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ‘ग्राम स्तरीय वेटलैंड समिति’ का गठन किया है।
223 वेटलैंड्स के जलग्रहण क्षेत्रों में 27 लाख और नदियों के किनारे 4 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए हैं, जिससे बाढ़ और सूखे की समस्या में कमी आई है। ‘नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा’ के तहत 27 जनपदों में 275 वेटलैंड्स चिह्नित किए गए हैं। प्रदेश का 5.16% भौगोलिक क्षेत्र वेटलैंड्स से आच्छादित है। ये क्षेत्र मगर, घड़ियाल, डॉल्फिन, बारहसिंगा और राज्य पक्षी सारस के साथ-साथ अमेरिका, रूस, अफ्रीका और यूरोप से आने वाले प्रवासी पक्षियों का प्रिय वास स्थल हैं।
वार्ता में प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव ,उत्तर प्रदेश, अनुराधा बेमुरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं कृषि वानिकी, उत्तर प्रदेश, दीपक कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना, उत्तर प्रदेश, राम कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रशासन (अराजपत्रित), एपीसिंन्हा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/मुख्य वन संरक्षक, बरेली जोन, पीपी सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, नीरज कुमार, जैव विविधता, उत्तर प्रदेश सहित वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहें।

